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खेत बचाओ अभियान |
भारत सरकार द्वारा देष भर में खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अन्तर्गत कृषकों में प्राकृतिक खेती, प्राकृतिक संषाधनों के संरक्षण, उर्वरकों के सन्तुलित प्रयोग सहित खेती की नवीनतम कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता पैदा करने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य जागरूकता कार्यक्रमों, कृषक प्रषिक्षणों एवं प्रचार प्रसार के अन्य माध्यमों के द्वारा गांव स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सम्पन्न किया जा रहा है।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बांदा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 श्याम सिंह द्वारा जसपुरा विकासखण्ड के पडेरी गांव में एक कृषक प्रषिक्षण का आयोजन किया गया। ‘‘सीमित मात्रा में पानी उपलब्ध होने की दषा में गेंहू में खरपतवार, सिंचाई व पादप पोषण प्रबन्धन’’ विषय पर आयोजित इस प्रषिक्षण में डा0 श्याम सिंह ने बताया कि गेंहू की फसल में सिंचाई सीमित होने की दषा में इनको ऐसी अवस्थाओं पर देना चाहिये जब अधिकतम लाभ हो जैसे पहली सिंचाई बुवाई के 21 दिन बाद अवष्य करें इसी प्रकार दाना भरते समय एवं बाली आते समय सिंचाई करना आवष्यक है। सिंचाई के उपरान्त उपयुक्त नमी होने पर यूरिया का प्रयोग करना चाहिये (प्रथम सिंचाई व द्वितीय सिंचाई)। इसी प्रकार पानी उपलब्ध न होने की दषा में 1 से 2 प्रतिषत नैनो यूरिया का छिडकाव लाभकारी रहता है। इसको 25 दिन बाद पुनः कर सकते हैं। और नैनो डी0ए0पी0 का प्रयोग भी किसान भाई करें। ऐसी स्थिति में बुवाई के समय आधी डी0ए0पी0 ही प्रयोग करें। गेंहू की फसल में खरपतवारों की समस्या काफी नुकसान पंहुचाती है। इसको रासायनिक व यांत्रिक विधि से नियंत्रित किया जा सकता है। सीमित सिंचाई के साधन होने पर यांत्रिक विधि से ही खरपतवार नियंत्रण करना चाहिये तथा पहली सिंचाई के बाद खुरपी से निराई करनी चाहिये। ऐसा करने से न केवल खरपतवार नष्ट होंगे, बल्कि भूमि में जल का संरक्षण भी होगा और लम्बे समय तक सिंचाई की आवष्यकता नहीं पडेगी। डा0 सिंह ने बताया कि गेंहू की फसल में खरपतवार नियंत्रण एवं नमी संरक्षण हेतु खेत में सूखी धास-फूस फैलाने से बहुत लाभ होता है। इसे पलवार कहते हैं। गेंहू फसल के जमाव के पष्चात् खाली भूमि पर धास-पुआल आदि बिछाकर पलवार फैलायी जाती है।
कार्यक्रम में पडेरी व मरझा गांव के 30 से अधिक कृषकों ने भाग लिया। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रावधिक सहायक श्री राजाबाबू व प्रगतिषील कृषक श्री रामनारायण उपस्थित रहे। |
2026-11-03 |
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