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सघन जागरूकता अभियान-उर्वरकों का संतुलित प्रयोग |
कृषि विज्ञान केन्द्र, बांदा द्वारा उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के लिये सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत करते हुये केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 श्याम सिंह द्वारा कृषकों को आह्वान किया कि हर किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें एवं जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारे भोजन की थाली में सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है उसी प्रकार पौधों के भोजन में सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है। इसी प्रकार पौधों के भोजन की थाली में सभी तत्वों नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि आवश्यक 17 तत्वों की संतुलित मात्रा आवश्यकता है। इसकी गणना हम केवल मिट्टी की जांच द्वारा ही कर सकते हैं। सामान्य मिट्टियों में नत्रजन, फास्फोरस एवं पोटाश की मात्रा में 4ः2ः1 का अनुपात उपयुक्त रहता है। किसान भाई पौधों को दिये जाने वाले उर्वरकों का पौधों में क्या कार्य है, इसकी जानकारी करें एवं उर्वरकों का प्रयोग सही मात्रा में सही समय पर और सही तरीके से ही करें। जिससे उनके धन का उचित उपयोग होगा और मिट्टी की उर्वरता के साथ वातावरण व मिट्टी का पर्यावरण भी स्वास्थ्य रहेगा।
इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिक डा0 चंचल सिंह, डा0 प्रज्ञा ओझा एवं ड0 दीक्षा पटेल ने भी उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के तरीके एवं लाभ पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 05 ग्रामों के लगभग 42 कृषकों/महिला कृषकों ने प्रतिभाग किया। |
2026-04-08 |
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